UPPSC ONE TIME REGISTRATION PORTAL JOIN US ON TELEGRAM GROUP

||Latest News|Recent Updates||


Nov 3, 2026

वरिष्ठता निर्धारण के लिए हाईकोर्ट का आदेश , देखे कैसे बनी सूची सही मानी जाएगी

वरिष्ठता निर्धारण के लिए हाईकोर्ट का आदेश , देखे कैसे बनी सूची सही मानी जाएगी

इस हाईकोर्ट आदेश के अनुसार, जब शिक्षकों की नियुक्ति एक ही तारीख को होती है, तो वरिष्ठता तय करने के लिए केवल "मूल चयन सूची" को ही सही माना गया है, और बाद में बनाए गए अंकों या समायोजन के आधार को गलत माना गया है।

सही/मुख्य सूची किसे माना है?

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यूपी बेसिक शिक्षा नियमावली के 'नियम 22' के अनुसार, वरिष्ठता का आधार वह मूल चयन सूची (नियम 17, 17-A या 18 के तहत बनी सूची) होगी, जिसमें अभ्यर्थी का नाम चयन के समय क्रमानुसार दर्ज था।

  उदाहरण: आपकी 72825 भर्ती की वह मुख्य मेरिट सूची, जो सबसे पहले बनी थी और जिसमें ज्यादा अंक वाला अभ्यर्थी ऊपर और कम अंक वाला नीचे था। इस आदेश के अनुसार यही मूल सूची वरिष्ठता का कानूनी आधार है।

गलत सूची किसे माना है?

कोर्ट ने 'नियम 14' (क्वालिटी पॉइंट मार्क्स या बाद के समायोजन/निर्धारण) के आधार पर बनी सूची को वरिष्ठता तय करने के लिए पूरी तरह गलत माना है।

  उदाहरण: वह 'विद्यालय आवंटन सूची' (रोस्टर के हिसाब से) जो बाद में बनी और जिसमें कम अंक वाले अभ्यर्थी ऊपर आ गए। कोर्ट ने साफ कहा है कि नियम 22 में कहीं भी क्वालिटी पॉइंट मार्क्स या नियम 14 के आधार पर वरिष्ठता तय करने का कोई प्रावधान नहीं है।

सरल शब्दों में, यह आदेश आपके पक्ष में यह साबित करता है कि विद्यालय आवंटन (रोस्टर) वाली सूची वरिष्ठता के लिए अमान्य है, और पहली मुख्य मेरिट सूची ही मान्य है।


वरिष्ठता निर्धारण के लिए हाईकोर्ट का आदेश , देखे कैसे बनी सूची सही मानी जाएगी

वरिष्ठता निर्धारण के लिए हाईकोर्ट का आदेश , देखे कैसे बनी सूची सही मानी जाएगी

वरिष्ठता निर्धारण के लिए हाईकोर्ट का आदेश , देखे कैसे बनी सूची सही मानी जाएगी

वरिष्ठता निर्धारण के लिए हाईकोर्ट का आदेश , देखे कैसे बनी सूची सही मानी जाएगी


वरिष्ठता निर्धारण के लिए हाईकोर्ट का आदेश , देखे कैसे बनी सूची सही मानी जाएगी Rating: 4.5 Diposkan Oleh: UP TEACHERS NEWS